healing words
शब्दों की शक्ति से मोन की ओर
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पूरा चाँद चमक रहा है नीले आसमान की नीरवता में, जैसे कोई पुरानी प्रार्थना जो अब भी उत्तर की प्रतीक्षा में है। नीचे, हरी भरी ज़मीन पर तुम्हारा चेहरा उदास है — क्योंकि हर हरियाली सिर्फ बाहरी नहीं होती। उम्मीद के बीज हर मिट्टी में नहीं उगते, उन्हें चाहिए एक ऐसी ज़मीन जो दर्द को…
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You are my mirror—Each time, you place my truth before me.You are my breath—Each time, you reveal my mortality.You are my dharma—Each time, you present a new challenge.You are my mind—Each time, you awaken a new emotion.You are my intellect—Each time, you open the door to a new path.
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मन की नौकाप्रेम भावों की लहरों में,हिलोरे लेती हुई तेरी और बढ़ रही है।कभी तेरे चरणों का स्मरण,कभी रूप माधुरी का स्मरण,कभी तेरे नाम का स्मरण,मन की नौकासंसार रूपी शरीर को पतवार बना कर,अब तेरे भावों की लहरों में आनंद पा रहा है।गुरु की कृपा से शरीर के भाव से मन,तेरे भावों का आशीर्वाद प्राप्त…
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हर क्षण कुछ कहता है — धीरे से, संकेतों में, छुपी हुई भाषा में। वह जो सुन सकता है, वह जो देख सकता है उसके भीतर की बात — वही शिक्षक है। किताबें तो शब्दों से भरी हैं, पर शब्द जब उलझ जाएं बुद्धि की गांठों में, तो कोई चाहिए जो उन्हें सुलझा सके, जो…
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जीवन— जैसे कोई नदी, हर मोड़ पर नया दृश्य रचती, हर लहर में एक प्रश्न छोड़ती। मृत्यु— जैसे धूप का झुकना, धीरे-धीरे रंगों को समेटती, और मौन में विलीन हो जाती। गुण— वह जो हवा की तरह बहता है, जो समय के सुर में गाता है, जो परिवर्तन को पूजा मानता है। अवगुण— वह जो…
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ईश्वर ने सभी को रूप में ढाला है और हमारी बुद्धि ईश्वर को ही एक रूप दे देती है। ईश्वर को स्वयं में खोज लेना एक मार्ग हो सकता है परन्तु सभी एक तरीके से उसे खोजे उसे स्वीकार नहीं होता है, या कहे की एक रास्ता केवल एक के लिए और उस एक के…
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“कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन । मा कर्मफलहेतुर्भुर्मा ते संगोऽस्त्वकर्मणि ॥” सभी प्रकार की इच्छा सभी जीवो में देखने को मिलती है;और सभी प्रकार की इच्छाएं पूरी होती हुई भी दिखती है, आम तौर पर हम सभी बचपन से ये सुनते आए है कि “कर्म करो और फल की इच्छा मत करो” परन्तु हमने कभी बिना…
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ख़ुदा ने कहा — इस बार तो रुक जा इस दुनिया में। मैंने कहा — तेरा प्यार ही तो है, इतना प्यारा, कि रुक नहीं पाता हूँ। ऊपर से मेरी दीवानगी — जो हर सरहद तोड़ देती है। मैंने रब से पूछा — कब तक आएगा तू? उसने मुस्कुरा कर कहा — मैं तो तेरा…