healing words
शब्दों की शक्ति से मोन की ओर
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जब एक दिन का व्रतकिसी की साँसों को बढ़ा सकता है,तो सोचो—यदि पूरा जीवन ही व्रत हो जाए,तो क्या कुछ नहीं बदल सकता? हर सुबह एक संकल्प,हर साँझ एक समर्पण।हर कर्म,एक यज्ञ की आहुति।हर मौन,एक मंत्र की गूंज। जीवन तबकेवल जीना नहीं होता—वह जीने की वजह बनता है।वह दूसरों की थकान में विश्राम बनता है,किसी…
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जहाँ भोग का कोई नाम नहीं, बस भाव है — लुट जाने का, मिट जाने का, आराध्य की छाया में विलीन हो जाने का। न कोई चाह, न कोई आग्रह, बस एक मौन पुकार जो स्वयं को विसर्जित कर देती है उस परम के चरणों में। यह प्रेम है — शुद्ध, निर्विकल्प, जहाँ मिटना ही…
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तृण हूं,एक तेज हवा के झोंके का इंतजार कर रहा हूं।आसमान में उड़ जाने के लिए।कोई प्रेम में भर कर उठायेगा तो नहीं मुझे,में सूख कर निर्जीव पड़ा हूं।में तृण हूं,एक तेज हवा के झोंके के इंतजार में हूं।
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We failed to honor time. And time imprisoned us within one of its circles. Now, to change this moment, we must practice staying at the edge of this circle— Only then will the gateway to a new circle of time open, And on the fertile soil of the heart, the flower of love shall bloom. …
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में बदल जाता हूं, बादल देख कर आसमान में, नीली छतरी हर पल लिए फिरता हूं। जैसे जीवन की धूप से बचता कोई विचार, जैसे ईश्वर की छाया में चलता एक बेखबर सार। जैसे प्रेम के गहरे संदर की ओर भागती तेज गति की नदी, जैसे शब्द — वो प्रथम सा — जो बच्चा बोलने…